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पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नजले और जà¥à¤•ाम का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार :-
नजला से रोकथाम के उपाय (Measures to prevention of Najla)
ठणà¥à¤¡ से बचें।
हवाई संपरà¥à¤• से बचें।
सिर और शरीर को ढके रहें।
जिन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो उनके सेवन से बचें।
जौ की रोटी या जौ के आटे का सेवन करें।
कम तेलयà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें।
जानवरों के संपरà¥à¤• में आने से बचें।
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कणों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है तो पारà¥à¤•,खेतों आदि में नाक पर मासà¥à¤• अवशà¥à¤¯ पहनें।
नाक-कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£, तेज सिर दरà¥à¤¦ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚।
थाइरॉइड, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, मोतियाबिंद, बीपी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें।
नजले का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार(Ayurvedic Treatment for Najla)
नजला जà¥à¤•ाम के बचाव के लिठसबसे जरूरी अपनी इमà¥à¤¯à¥‚निटी मजबूत करना है।
नजला जà¥à¤•ाम में संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• बीमारियों से दूरी बनाà¤à¤‚ रखना à¤à¥€ अतà¥à¤¯à¤‚त आवशà¥à¤¯à¤• है।
रोजाना दो-तीन चमà¥à¤®à¤š चà¥à¤¯à¤µà¤¨à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¶ का सेवन करें।
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट दो चमà¥à¤®à¤š आंवले, à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š गिलोय और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद का रस मिलाकर हर रोज लें।
दूध में हलà¥à¤¦à¥€ और शीलाजीत डालकर रोजाना पिà¤à¤‚।
à¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कफ और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ में काफी कारगर हो सकता है।
नजला रोगी ठंडी, खटà¥à¤Ÿà¥€, तली चीजों से बचें।
दही, अचार, आइसकà¥à¤°à¥€à¤® से परहेज करें।
सरà¥à¤¦à¥€/गरà¥à¤®à¥€ में गरà¥à¤® पानी नियमित तौर पर पीà¤à¤‚।
बलगम निकालनें के लिठदेसी इलाज आजमाà¤à¤‚।
नजले का देसी इलाज (Home remedy for Najla)
काढ़ा - आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा के साथ ही नजला का घरेलॠइलाज à¤à¥€ काफी फायदेमंद साबित होता है। जिसमें घर पर ही काढ़ा बनाकर पीने से रोगी को राहत मिलती है। ये काढ़ा इस पà¥à¤°à¤•ार है:
अदरक और गà¥à¤¡à¤¼ का काढ़ा।
काली मिरà¥à¤š व नींबू का काढ़ा।
अजवाइन व गà¥à¤¡à¤¼ का काढ़ा।
दालचीनी का काढ़ा।
लौंग-तà¥à¤²à¤¸à¥€ और काला नमक का काढ़ा।
इलायची व शहद का काढ़ा।
इसके अलावा शहद और अदरक का रस à¤à¤•-à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹-शाम पीने से नजले में फायदा आता है।
नागरबेल (पान) के 2 से 4 पतà¥à¤¤à¥‡ चबा लेना à¤à¥€ फायदेमंद है।
हलà¥à¤¦à¥€ और दूध गरम कर उसमें गà¥à¤¡à¤¼ मिलाकर पीने से जà¥à¤•ाम, कफ़, व शरीर में होने वाले दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है|
सà¥à¤¬à¤¹-शाम अजवायन की फंकी लेने से à¤à¥€ आराम मिलता है|
रात में सोते समय अजवायन को गरà¥à¤® कर सà¥à¤‚घने से à¤à¥€ राहत मिलती है।
देसी गाय के शà¥à¤¦à¥à¤§ देसी घी से à¤à¥€ नजला में काफी आराम मिलता है। à¤à¤¸à¥‡ में रोगी को उस गाय का घी लेना है जिसकी पीठपर हमà¥à¤ª होता है यह घी आपको लगातर तीन महीने डालना है यह दस से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नजले को à¤à¥€ खतà¥à¤® कर देता है।
गरà¥à¤® पानी में चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° नमक मिला कर गरारे करने से खांसी-जà¥à¤•ाम के दौरान काफी राहत मिलती है। इससे गले को राहत मिलती है और खांसी से à¤à¥€ आराम मिलता है। यह à¤à¥€ काफी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ नà¥à¤¸à¥à¤–ा है।
अकसर नजले में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कण नाक की नलियों की समसà¥à¤¯à¤¾ बन जाते है। जिसके कारण लगातार छींके आने लगती है, गला सà¥à¤–ा रहता है, नाक बहने लगती है.. à¤à¤¸à¥€ गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में असà¥à¤¥à¤®à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में नजले के सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ इलाज के लिठ(Najle ka permanent ilaj) देरी ना करते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लें।
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